Network MarketingBusinessesNews

डायरेक्ट सेल्लिंग बिज़नस में 90 प्रतिशत लोग असफल क्यूँ हो जाते हैं ? Why 90% of People Fail in Direct Selling

आज इस पोस्ट में मैं आप सभी को बताऊंगा कि डायरेक्ट सेल्लिंग बिज़नस में 90 प्रतिशत लोग असफल क्यूँ हो जाते हैं ? ( Why 90% of People Fail in Network Marketing or Direct Selling Business)। यदि आप वास्तव में जानना चाहते हैं, तो आप बन रही हमारे साथ।

Network Marketing or Direct Selling

महत्वपूर्ण बिन्दू

यह 21वीं सदी का सबसे Fastest Growing Business है। लेकिन फिर भी इस बिजनेस में 90% से अधिक लोग असफल हो जाते हैं। उससे पहले आपको Network Marketing में सफलता का एक Ratio है जो आपको समझना होगा वह है 90%, 8% और 2%

मतलब यह कि नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस में सिर्फ दो प्रतिशत लोग ही ऐसे होते हैं जो कि एक Luxury Life जी पाते हैं या अपने सारे सपने पूरे कर सकते हैं। 8% लोग ऐसे होते हैं जो इस बिजनेस के अवरेज होते हैं। बाकी 90% लोग असफल होते हैं।

People Fail in Network Marketing or Direct Selling Business in Hindi

डायरेक्ट सेल्लिंग बिज़नस में 90 प्रतिशत लोग असफल क्यूँ हो जाते हैं ? Why 90% People Fail in Direct Selling

हम इस लेख में इन्हीं 90% लोगों के बारे में बात करेंगे। ऐसा क्या कारण है कि इस बिजनेस में 90% से अधिक लोग असफल हो जाते हैं। जो सबसे पहला कारण है वह है…

हद से ज्यादा उम्मीद करना

Direct Selling बिजनेस में असफल होने का सबसे मुख्य कारण है कि हम जुड़ते ही इस बिजनेस से इतना ज्यादा उम्मीद कर लेते हैं और वही उम्मीद जिस उम्मीद के साथ हम इस बिज़नेस जुड़ते हैं पूरा नहीं हो पाता है तो हम इस Business से Quite कर जाते हैं ।

कम लागत में Business का शुरू हो जाना

इस बिजनेस में असफल होने का दूसरा कारण है वह है कि यह बिजनेस बहुत ही कम पैसे या यूँ कहें की जीरो लागत में भी शुरू हो जाता है। इस वजह से नेटवर्क मार्केटिंग या डायरेक्ट सेल्लिंग Business में में लोग अधिक से अधिक जुड़ जाते हैं।

मैक्सिम लोग ऐसे होते हैं जो कि ऑलरेडी किसी काम को कर रहे होते हैं। जैसे स्टूडेंट या छोटा व्यवसाइ या कोई नौकरी वाला व्यक्ति। वह व्यक्ति अपना सारा काम करने के बाद में जो थोडा सा समय बचता है वह इस बिज़नस को देता है, और जब कुच्छ हो नही पाता है तो बोलता है की यह बिज़नस चलता ही नहीं।

बिजनेस छोड़कर जाने में कोई नुकसान नहीं है

कोई व्यक्ति जब इस बिज़नस को शुरू करता है तो वह जितना प्राइस पे करता है उसको उतने प्राइस का सामान मिल जाता है। जब उसका काम नहीं बढ़ता है तो वह सोचता है कि जितना हमने दिया था उसके बदले हमें तो सामान मिल गया है, तो मेरा कोई नुकसान नहीं और वह इस बिज़नस को छोड़ देता है । यही यदि ट्रेडिशनल बिजनेस में होता वहां उसके उसको खोने के लिए बहुत कुछ होता ।

सीखने की कोशिश ना करना

बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जो किसी ना किसी फिल्ड के मास्टर होते हैं तो वह लोग ऐसा सोचते हैं कि मुझे तो सब कुछ आता है, और मुझे सीखने की क्या जरूरत है। लेकिन शायद वह लोग यह नहीं जानते कि हम अपने फिल्ड के मास्टर हैं । लेकिन इस फिल्ड में बिना सीखे कुछ नहीं हो सकता है। वो लोग दुसरे फिल्ड का अनुभव इस फिल्ड में लगाने लगते हैं।

गलत आदत से इस बिजनेस की शुरुआत करना

जब कोई भी व्यक्ति इस बिज़नस में आता है तो एक नेगेटिव प्वाइंट को लेकर बात करता है। जैसे- मैं तो ज्यादा लोगों को जानता नहीं हूँ तो ज्यादा लोग कैसे लेकर आ पाऊंगा। आप तो अच्छे से बात भी कर लेते हैं लेकिन मुझे तो बात करना भी नही आता है।

मुझसे हो ही नहीं पाएगा इत्यादि। आपने अक्सर देखा हुआ है बहुत सारे लोग मिलते हैं इसी तरीके से बात करते हैं। बिजनेस शुरू किया नहीं और नेगेटिव बातें बोलना चालू। इस वजह से भी लोग असफल रहते हैं ।

मैं उम्मीद करता हूं दोस्तों आज का हमारा ये लेख डायरेक्ट सेल्लिंग बिज़नस में 90 प्रतिशत लोग असफल क्यूँ हो जाते हैं ? Why 90% People Fail in Direct Selling पसंद आया होगा। यदि आपको इस लेख से फायदा हुआ हो तो कृपया इस लेख को अपने सारे दोस्तों के साथ शेयर करें और अपने टीम के साथ शेयर करें ताकि वह लोग भी समझ सके की इतने अधिक मात्रा में लोग असफल कैसे हो जाते हैं।

इसे भी पढ़ें

आपका बहुत-बहुत धन्यबाद।

admin

Kritika Parate | Blogger | YouTuber,Hello Guys, मेरा नाम Kritika Parate हैं । मैं एक ब्लॉगर और youtuber हूं । मेरा दो YouTube चैनल है । एक Kritika Parate जिस पर एक लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं और दूसरा AG Digital World यह मेरा एक नया चैनल है जिस पर मैं लोगों को ब्लॉगिंग और यूट्यूब के बारे में सिखाता हूं, कि कैसे कोई व्यक्ति जीरो से शुरुआत करके एक अच्छा खासा यूट्यूब चैनल और वेबसाइट बना सकता है ।Thanks.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button